3 वर्षीय मासूम से दरिंदगी मामला: भाकियू (तोमर) ने खोला बागपत पुलिस के खिलाफ मोर्चा https://youtu.be/kUnkhGScxvU
3 वर्षीय मासूम से दरिंदगी मामला:
भाकियू (तोमर) ने खोला बागपत पुलिस के खिलाफ मोर्चा
https://youtu.be/kUnkhGScxvU
3 वर्षीय मासूम से दरिंदगी मामला:
भाकियू (तोमर) ने खोला बागपत पुलिस के खिलाफ मोर्चा,
मांगें पूरी न होने पर 30 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव का ऐलान
29 जून को मुरादाबाद में मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाएगा संगठन।
समाधान न होने पर हजारों किसान करेंगे लखनऊ कूच, लोक भवन पर होगा अनिश्चितकालीन धरना।
"घटना के वक्त एम्बुलेंस तक नहीं दे पाई बागपत पुलिस, अब पीड़ित परिवार पर बना रही अपने पक्ष में वीडियो का दबाव" — चौधरी संजीव तोमर।
मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), 28 जून 2026:
बागपत के थाना सिंघावली अहीर के ग्राम चिरचिटा में बीते 15 जून को एक 3 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में न्याय न मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। संगठन के मुरादाबाद स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित एक आपातकालीन प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने बागपत पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और संवेदनहीन आरोप लगाए हैं।
मुरादाबाद में मुख्यमंत्री से मुलाकात , अन्यथा लखनऊ कूच:,
प्रेसवार्ता में जिला अध्यक्ष मुरादाबाद अनूप कुमार मिश्रा ने ऐलान किया कि 29 जून को मुरादाबाद आगमन पर माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर पीड़ित परिवार के लिए न्याय और समाधान की मांग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस मुलाकात में समाधान नहीं निकलता है, तो संगठन अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ कूच करेगा।
प्रेसवार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपराध के वक्त जब बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक थी, तब मौके पर एम्बुलेंस या आपातकालीन मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने में बागपत पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हुई। परिजनों ने जैसे-तैसे बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। इस मामले को लेकर संगठन ने 22 जून को बागपत पुलिस कप्तान (SP) को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन आरोप है कि कप्तान साहब ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय किसान प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस के इस अड़ियल रवैये से आहत होकर पीड़ित परिवार न्याय के लिए मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचा।
भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने बागपत पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीड़ित परिवार पर लगातार मानसिक दबाव बना रही है। पुलिस चाहती है कि पीड़ित परिजन उनके पक्ष में बयान देते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड करें, जिसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर पुलिस खुद को क्लीन चिट दे सके। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दो टूक चेतावनी दी कि पीड़ित परिवार का ऐसा आर्थिक और मानसिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चौधरी संजीव तोमर ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। आंदोलन की रूपरेखा तैयार है। 29 जून को प्रदेशभर के हजारों किसान लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे और 30 जून को सीधे माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय (लोक भवन) पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। जब तक बच्ची को पूर्ण इंसाफ नहीं मिलता, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी।
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